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मई 2026 | ✍️ मिट्टी गोल्ड ऑर्गेनिक | 🗂️
सरकारी योजनाएं
महाराष्ट्र में स्माम योजना के तहत सब्सिडी का ढांचा
कृषि में यंत्रीकरण आज की बड़ी जरूरत है, जिससे खेती की लागत कम होती है और श्रम की कमी दूर होती है। महाराष्ट्र सरकार छोटे, सीमांत और महिला किसानों की मदद के लिए कृषि यंत्रीकरण उप-मिशन (SMAM) को आक्रामक रूप से लागू कर रही है। स्माम महाराष्ट्र के तहत किसान ट्रैक्टर, रोटावेटर, सीड ड्रिल (ओरणी), केंचुआ खाद छानने की मशीन और मल्चिंग मशीनों पर भारी सब्सिडी का लाभ उठा सकते हैं। सब्सिडी की दरें बेहद आकर्षक हैं: अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), महिला और छोटे/सीमांत किसानों को 50% की सब्सिडी दी जाती है, जबकि अन्य सामान्य श्रेणी के किसानों को 40% की सब्सिडी मिलती है, जिससे महंगे कृषि उपकरण किसानों के लिए बेहद सस्ते हो जाते हैं।
महाडीबीटी (MahaDBT) पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन
महाराष्ट्र में इस योजना का लाभ उठाने के लिए किसानों को महाडीबीटी किसान पोर्टल (MahaDBT Farmer Portal) पर ऑनलाइन पंजीकरण करना होता है। सरकार कम्प्यूटरीकृत लॉटरी के माध्यम से आवेदकों का चयन करती है। लॉटरी में चुने जाने के बाद किसान को "पूर्व-सहमति" पत्र मिलता है, जिसके बाद वे किसी भी अधिकृत डीलर से मशीन खरीदकर उसका बिल पोर्टल पर अपलोड कर सीधे अपने बैंक खाते में सब्सिडी प्राप्त कर सकते हैं।
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महाडीबीटी पोर्टल पर पंजीकरण और प्रोफाइल बनाना
महाडीबीटी पोर्टल पर लॉग इन करें। अपना आधार कार्ड लिंक करें और डिजिटल 7/12, 8A भूमि रिकॉर्ड, जाति प्रमाण पत्र और बैंक पासबुक की प्रति अपलोड करें।
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कृषि यंत्रीकरण योजना का चयन
पोर्टल पर "कृषि यंत्रीकरण" (Agricultural Mechanization) विकल्प चुनें। वह उपकरण चुनें जिसे आप खरीदना चाहते हैं (जैसे ट्रैक्टर, रोटावेटर, या सीड ड्रिल) और आवेदन जमा करें।
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लॉटरी और डीलर से खरीद की प्रक्रिया
लॉटरी चयन का एसएमएस मिलने के बाद, पूर्व-मंजूरी पत्र प्राप्त करें। किसी भी अधिकृत महाराष्ट्र डीलर से मशीन खरीदें और सब्सिडी भुगतान के लिए बिल पोर्टल पर अपलोड करें।
परिणामों की तुलना: मशीनीकृत बुआई बनाम पारंपरिक हाथ से बुआई
महाराष्ट्र में मशीनीकृत कृषि उपकरणों को अपनाने से खेती की दक्षता काफी बढ़ जाती है:
- 75% समय की बचत: ट्रैक्टर-माउंटेड सीड ड्रिल से एक एकड़ खेत की बुआई में केवल 1.5 घंटे लगते हैं, जबकि मजदूरों से बुआई कराने पर 2 पूरे दिन लग जाते हैं।
- एक समान अंकुरण: मशीन से बीज और जैविक खाद को मिट्टी में एक समान गहराई पर डाला जाता है, जिससे फसल का अंकुरण बेहतरीन होता है और पैदावार 20% तक बढ़ जाती है।
- श्रम लागत में बड़ी कटौती: बुआई और कटाई के व्यस्त समय में मजदूरों की कमी और महंगे श्रम की समस्या से किसानों को स्थायी मुक्ति मिलती है।
हल्की कृषि मशीनों से केंचुओं का संरक्षण
स्माम योजना के तहत सरकार हल्के पावर वीडर और मिनी ट्रैक्टरों के उपयोग को बढ़ावा देती है। ये मशीनें मिट्टी पर बहुत अधिक दबाव नहीं डालती हैं, जिससे मिट्टी का प्राकृतिक ढांचा बना रहता है और केंचुए सुरक्षित रहते हैं।
मशीनरी की सुरक्षा और नियमित देखभाल
हमेशा सुनिश्चित करें कि खरीदा गया उपकरण सरकार द्वारा अनुमोदित हो और उस पर सुरक्षा परीक्षण रिपोर्ट उपलब्ध हो। रोटावेटर और कटर मशीनों के घूमने वाले हिस्सों पर हमेशा सुरक्षा गार्ड लगाएं ताकि दुर्घटनाओं से बचा जा सके। गियर और चेन की नियमित ऑइलिंग करें।
कस्टम हायरिंग सेंटर (CHC) स्थापित करने का अवसर
स्माम योजना के तहत सरकार कृषि उद्यमियों और किसान समूहों को मशीनरी बैंक यानी कस्टम हायरिंग सेंटर (CHC) स्थापित करने के लिए 40% से 80% तक सब्सिडी (₹8 लाख से ₹20 लाख तक) प्रदान करती है, जिससे ग्रामीण युवा मशीनों को किराए पर देकर बेहतरीन कमाई कर सकते हैं।
📅 आधिकारिक आवेदन और अंतिम तिथि मार्गदर्शिका
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आवेदन की अंतिम तिथि
जारी / बजट-आधारित ("पहले आओ, पहले पाओ" नीति के तहत जल्द आवेदन करें)
🚜 स्माम महाराष्ट्र 2026: ऑनलाइन आवेदन सहायता
महाडीबीटी पर कृषि यंत्रों की सब्सिडी के लिए ऑनलाइन आवेदन या कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित करने में सहायता प्राप्त करें। WhatsApp: +91 95372 30173
स्माम महाराष्ट्र अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
महाराष्ट्र में स्माम योजना के तहत किसे 50% सब्सिडी मिलती है? +
महिला किसानों, अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और 2 हेक्टेयर से कम भूमि वाले छोटे/सीमांत किसानों को 50% सब्सिडी दी जाती है।
आवेदन करने के लिए आधिकारिक वेबसाइट कौन सी है? +
महाराष्ट्र के किसानों को महाडीबीटी आधिकारिक पोर्टल (mahadbt.maharashtra.gov.in) पर जाकर ही ऑनलाइन आवेदन करना होता है।
क्या पूर्व-मंजूरी मिलने से पहले मशीन खरीदी जा सकती है? +
नहीं, लॉटरी में नाम आने और विभाग से आधिकारिक पूर्व-मंजूरी पत्र (Pre-Sanction Letter) प्राप्त होने के बाद ही मशीन खरीदनी चाहिए, अन्यथा सब्सिडी नहीं मिलेगी।
कस्टम हायरिंग सेंटर (CHC) के लिए कितनी सब्सिडी मिलती है? +
किसान समूहों, सहकारी समितियों या ग्रामीण युवाओं को मशीनरी बैंक (CHC) स्थापित करने के लिए सरकार द्वारा 40% से 80% तक की भारी सब्सिडी प्रदान की जाती है।
क्या कोई किसान SMAM के तहत कई मशीनों के लिए आवेदन कर सकता है? +
हाँ, लेकिन आप हर 3 साल में केवल एक ट्रैक्टर और दो अलग-अलग उपकरणों (जैसे रोटावेटर और सीड ड्रिल) के लिए सब्सिडी प्राप्त कर सकते हैं।