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मई 2026 | ✍️ मिट्टी गोल्ड ऑर्गेनिक | 🗂️
सरकारी योजनाएं
भारत के डिजिटल कृषि परिदृश्य को समझना
डिजिटल इंडिया अभियान के तहत, कृषि मंत्रालय और भारत के सभी राज्यों ने अपनी किसान योजनाओं और सब्सिडी प्रक्रियाओं को पूरी तरह से ऑनलाइन कर दिया है। प्रत्येक राज्य में अब एक एकीकृत डीबीटी (Direct Benefit Transfer) पोर्टल और मोबाइल ऐप उपलब्ध हैं। इन पोर्टलों के माध्यम से किसान तालाबों, सौर पंपों, ड्रिप सिंचाई प्रणालियों, केंचुआ खाद बेड, उन्नत बीजों और ट्रैक्टर जैसी मशीनों पर मिलने वाली सब्सिडी के लिए ऑनलाइन घर बैठे आवेदन कर सकते हैं। हालांकि, कई छोटे किसानों को सही वेबसाइटों और मोबाइल ऐप्स की जानकारी न होने के कारण वे इन लाभों से वंचित रह जाते हैं। इस निर्देशिका का उद्देश्य देश के सभी किसानों को उनके राज्य के आधिकारिक पोर्टलों की सही और सत्यापित जानकारी प्रदान करना है।
डीबीटी पोर्टलों पर उपलब्ध मुख्य योजनाएं और लाभ
इन आधिकारिक वेबसाइटों पर पंजीकरण करके किसान अपनी पात्रता की जांच कर सकते हैं, आवेदनों की स्थिति को ट्रैक कर सकते हैं, और सीधे अपने बैंक खाते में बिना किसी बिचौलिए के सब्सिडी प्राप्त कर सकते हैं। इन पोर्टलों पर पीएम-कुसुम योजना, ड्रिप सिंचाई और केंचुआ खाद के निर्माण जैसी प्रमुख योजनाओं के लिए आवेदन किया जा सकता है।
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आधार कार्ड और मोबाइल नंबर लिंक करें
सुनिश्चित करें कि आपका आधार कार्ड आपके चालू मोबाइल नंबर से जुड़ा हो। यह ओटीपी प्राप्त करने और ऑनलाइन सत्यापन के लिए अनिवार्य है।
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अपने राज्य का आधिकारिक पोर्टल खोलें
नीचे दी गई सत्यापित तालिका में से अपने राज्य की वेबसाइट चुनें और अपने किसान आईडी कार्ड या भूमि खतौनी नंबर का उपयोग करके पंजीकरण करें।
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आधिकारिक मोबाइल ऐप्स डाउनलोड करें
पीएम-किसान, महाडीबीटी, या आई-खेड़ूत जैसे आधिकारिक ऐप्स को अपने स्मार्टफोन पर गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड करें ताकि आप मोबाइल से आवेदन और मौसम की जानकारी ले सकें।
सत्यापित राज्य-वार किसान पोर्टल निर्देशिका
यहाँ भारत के प्रमुख कृषि राज्यों के आधिकारिक किसान पोर्टलों की सत्यापित सूची दी गई है:
सभी राज्यों में जैविक खेती को बढ़ावा
लगभग सभी राज्य कृषि पोर्टलों पर अब "जैविक खेती" (जैविक खेती प्रोत्साहन) के लिए अलग से वित्तीय प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं। ये योजनाएं रासायनिक खादों की जगह जैविक खादों के उपयोग को बढ़ावा देकर देश भर की मिट्टी को फिर से जीवित कर रही हैं।
सुरक्षित ऑनलाइन लेनदेन के नियम
हमेशा सुनिश्चित करें कि आप केवल .gov.in या .nic.in वाली आधिकारिक वेबसाइटों पर ही आवेदन करें। ऐसी फर्जी वेबसाइटों से सावधान रहें जो योजनाओं के नाम पर प्रोसेसिंग फीस मांगती हैं। आधिकारिक पोर्टल पर कोई शुल्क नहीं लिया जाता।
ई-नाम (e-NAM) के साथ सीधे व्यापार की सुविधा
इन पोर्टलों पर पंजीकृत किसानों को सीधे e-NAM (राष्ट्रीय कृषि बाजार) से जोड़ दिया जाता है, जिससे वे अपनी उपज को देश भर के बड़े व्यापारियों को ऑनलाइन बेच सकते हैं और बिचौलियों के चंगुल से बच सकते हैं।
📅 आधिकारिक आवेदन और अंतिम तिथि मार्गदर्शिका
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आवेदन की अंतिम तिथि
जारी / निरंतर (अपडेट नियमित रूप से प्रकाशित किए जाते हैं)
📱 राज्य-वार किसान पोर्टल और ऑनलाइन आवेदन सहायता
आई-खेड़ूत, महाडीबीटी, राज किसान या फ्रूट्स पोर्टल पर पंजीकरण और आवेदन करने में सीधे सहायता प्राप्त करें। WhatsApp: +91 95372 30173
राज्य किसान पोर्टल अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कृषि में डीबीटी (DBT) का क्या अर्थ है? +
डीबीटी का अर्थ है "डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर"। इसके तहत सरकारी कृषि योजनाओं की सब्सिडी सीधे लाभार्थी किसान के बैंक खाते में भेजी जाती है।
i-Khedut पोर्टल किस राज्य का है और इस पर क्या मिलता है? +
यह गुजरात सरकार का आधिकारिक किसान पोर्टल है, जिस पर खेती के औजारों, सोलर फेंसिंग, केंचुआ खाद और सिंचाई उपकरणों की सब्सिडी के लिए आवेदन किया जाता है।
कर्नाटक के किसानों के लिए फ्रूट्स (FRUITS) पोर्टल क्यों जरूरी है? +
फ्रूट्स (FRUITS) कर्नाटक सरकार का एकीकृत डेटाबेस पोर्टल है, जहाँ किसानों को एक विशिष्ट एफआईडी (FID) नंबर मिलता है, जो सभी योजनाओं के लिए अनिवार्य है।
योजनाओं के आवेदन के लिए क्या कोई शुल्क देना होता है? +
नहीं, सरकार के किसी भी आधिकारिक पोर्टल पर कृषि योजनाओं के आवेदन के लिए कोई भी शुल्क या फीस नहीं ली जाती है। यह सेवा पूर्णतः मुफ्त है।
यदि जमीन परिवार के किसी सदस्य के नाम पर है, तो क्या हम योजनाओं के लिए आवेदन कर सकते हैं? +
नहीं, सरकारी डीबीटी (DBT) सब्सिडी के लिए पात्र होने के लिए आवेदक का नाम सक्रिय भूमि अभिलेखों (7/12, पहानी, या जमाबंदी) पर दर्ज होना चाहिए।