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🌿 गुजरात गोपालक सहायता योजना: पशुपालकों का सशक्तिकरण

गाय पालने वालों के लिए गुजरात सरकार की सहायता, आवेदन प्रक्रिया और मासिक अनुदान के बारे में जानें।

📅 मई 2026  |  ✍️ मिट्टी गोल्ड ऑर्गेनिक  |  🗂️ सरकारी योजनाएं

गुजरात गोपालक सहायता योजना 2026: पूरी जानकारी

वित्तीय सहायता और अनुदान राशि

गुजरात सरकार "प्राकृतिक खेती" करने वाले किसानों को देसी गाय के रखरखाव के लिए प्रति माह ₹900 की सहायता प्रदान करती है (सालाना ₹10,800)। इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को रासायनिक मुक्त खेती की ओर मोड़ना है। गाय के गोबर और गोमूत्र के उपयोग से जीवामृत बनाकर खेती की लागत कम करने के लिए यह प्रोत्साहन दिया जाता है।

योजना के लिए आवेदन कैसे करें

आवेदन i-Khedut पोर्टल के माध्यम से करना होता है। किसान के पास बैंक खाता और आधार लिंक होना चाहिए। 7/12 और 8-A के दस्तावेज, निवास प्रमाण पत्र और पशु चिकित्सक का प्रमाण पत्र आवश्यक है। गाय को 12 अंकों का टैग (Inaph Tag) होना अनिवार्य है।
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पोर्टल लॉगिन

i-Khedut गुजरात आधिकारिक पोर्टल पर आवेदन विंडो के दौरान लॉगिन करें।

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योजना चयन

"गौ संवर्धन" या "प्राकृतिक खेती" सहायता योजना का चयन करें।

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फोटो अपलोड

टैग लगी गाय और किसान का फोटो गौशाला में अपलोड करें।

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बैंकिंग विवरण

सत्यापन के लिए आधार-लिंक्ड बैंक विवरण और भूमि रिकॉर्ड जमा करें।

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अधिकारी समीक्षा

ग्राम सेवक या स्थानीय पशु चिकित्सा अधिकारी द्वारा आवेदन की समीक्षा की जाएगी।

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भौतिक निरीक्षण

टैग लगी गाय की उपस्थिति और स्वास्थ्य की पुष्टि के लिए फील्ड विजिट की जाएगी।

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डीबीटी वितरण

मंजूरी के बाद, अनुदान सीधे बैंक खाते में मासिक आधार पर जमा किया जाएगा।

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नियमों का पालन

गाय का स्वास्थ्य रिकॉर्ड बनाए रखें और सुनिश्चित करें कि कान का टैग बरकरार रहे।

किसानों पर आर्थिक प्रभाव

इस योजना से पशुपालकों को चारे की लागत निकालने में मदद मिलती है। गिर और कांकरेज जैसी गायों के पालन से जैविक खेती को बढ़ावा मिलता है, जिससे खेती की लागत में 25% तक की कमी आ सकती है।

पशु कल्याण और पर्यावरण

यह योजना पशुओं को बेसहारा होने से रोकती है और सुनिश्चित करती है कि उन्हें उचित पोषण मिले। मिट्टी में गोबर की खाद के उपयोग से केंचुओं जैसे उपयोगी जीवों की संख्या बढ़ती है।

नियम और अनुपालन

यदि गाय की मृत्यु हो जाती है या उसे बेच दिया जाता है, तो इसकी तुरंत सूचना देनी होती है। गलत जानकारी देने वालों को भविष्य की सहायता से वंचित कर दिया जाता है।

जैविक दूध और खाद का बाजार

अनुदान एक आधारभूत आय प्रदान करता है, लेकिन वास्तविक बाजार अवसर "A2 दूध" और गाय-आधारित उत्पादों की बिक्री में है। गिर गाय का घी शहरी बाजारों में ₹2000-₹3000 प्रति किलो बिकता है। इस योजना में भाग लेकर, किसान आधिकारिक रूप से "Natural Producer" के रूप में पहचाने जाते हैं, जिससे जैविक प्रमाणन प्राप्त करना आसान हो जाता है। यह पहचान गाय-आधारित इनपुट से उगाए गए जैविक अनाज और दालों के लिए प्रीमियम रिटेल चेन और निर्यात बाजारों के द्वार खोलती है।

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गुजरात गाय योजना पर प्रश्न

₹900 की सहायता किसे मिलती है? +
उस किसान को जिसके पास टैग लगी देसी गाय है और वह प्राकृतिक खेती कर रहा है।
यदि गाय का टैग निकल जाए तो क्या करें? +
तुरंत पशु अधिकारी से संपर्क करें और नया टैग लगवाएं।
क्या विदेशी गाय के लिए सहायता मिलती है? +
नहीं, यह योजना केवल देसी गाय (गीर, कांकरेज आदि) के लिए है।
कितनी गायों के लिए सहायता मिल सकती है? +
आम तौर पर प्रति किसान एक गाय के लिए सहायता दी जाती है।
क्या भूमि होना अनिवार्य है? +
हाँ, खेती के दस्तावेज (7/12) होना अनिवार्य है।
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