📅 प्रकाशित: मार्च 2024 | ✍️ मिट्टी गोल्ड ऑर्गेनिक | 🗂️ फल (Fruits)
आवेदन दरें
प्रत्येक सीज़न में प्रति केले के पौधे पर 2 से 3 किलो वर्मीकम्पोस्ट का उपयोग करें।
कब आवेदन करें
पहली डोज़ पेड़ लगाते समय गड्ढे में दें, उसके बाद दूसरी डोज़ फूल आने और गुच्छे निकलने के चरण (लगभग 5ठे से 6ठे महीने) से पहले दें।
चरण-दर-चरण आवेदन मार्गदर्शिका
- गड्ढे की तैयारी: पौधा (Tissue culture plant/sucker) लगाने से पहले 1.5 किलो वर्मीकम्पोस्ट को गड्ढे के तल पर ऊपरी मिट्टी के साथ मिलाएं।
- रिंग बेसिन विधि: स्थापित पौधों के लिए, तने से 1-2 फीट दूर एक उथला रिंग (Ring) खोदें, खाद डालें और मिट्टी से ढक दें।
- सिंचाई: माइक्रोबियल क्रिया को सक्रिय करने के लिए खाद डालने के तुरंत बाद सिंचाई करें।
रोगों से सुरक्षा
हमारे वर्मीकम्पोस्ट का मजबूत माइक्रोबियल प्रोफाइल केले के पौधे की व्यापक जड़ प्रणाली की रक्षा करते हुए, हानिकारक नेमाटोड और पनामा विल्ट (Panama wilt) जैसे फंगल रोगजनकों को दबाने में मदद करता है।
परिणाम और लाभ (Crop Outcomes)
गुच्छे के वजन में ध्यान देने योग्य वृद्धि, मोटे तने, फलों का एक समान आकार, तथा केलों की प्राकृतिक मिठास और शेल्फ लाइफ में वृद्धि।
मिट्टी के जीवों पर प्रभाव (Impact on Microbes)
यह जड़ प्रणाली के चारों ओर एक अत्यधिक सक्रिय जैविक क्षेत्र (Biological zone) बनाता है, जो केंचुओं (Earthworms) को पनपने के लिए प्रोत्साहित करता है।
बाजार (Market Suitability)
प्रीमियम-ग्रेड, जैविक केले का लक्ष्य रखने वाले फल किसानों और निर्यातकों के लिए बिल्कुल सही, जो घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय दोनों बाजारों में अधिक कीमत दिलाते हैं।
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