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🌿 उत्तर प्रदेश गोपालक सहायता योजना: देसी गाय पालन को बढ़ावा

उत्तर प्रदेश सरकार की गौ संरक्षण और वित्तीय सहायता योजनाओं के बारे में जानें।

📅 मई 2026  |  ✍️ मिट्टी गोल्ड ऑर्गेनिक  |  🗂️ सरकारी योजनाएं

यूपी गोपालक सहायता योजना 2026: सब्सिडी गाइड

सहायता विवरण और प्रोत्साहन

यूपी सरकार बेसहारा पशुओं को गोद लेने पर प्रति दिन ₹30 (प्रति माह ₹900) की सहायता देती है। इसके अलावा "नंद बाबा मिल्क मिशन" के तहत देसी गाय खरीदने के लिए ₹40,000 तक की सब्सिडी दी जाती है।

पशुपालन विभाग के माध्यम से आवेदन

स्थानीय पशु चिकित्सा अधिकारी (CVO) के कार्यालय में आवेदन करना होता है। पशु शेड और चारे की व्यवस्था होना आवश्यक है।
1

नस्ल की पहचान

देसी गाय की नस्लों की पहचान करें या सरकारी गौशाला से चयन करें।

2

टैगिंग और टीकाकरण

सरकारी पशु चिकित्सा कर्मचारियों द्वारा टैगिंग और टीकाकरण करवाएं।

3

ब्लॉक पंजीकरण

स्थानीय पशु चिकित्सालय या ब्लॉक कार्यालय में औपचारिक आवेदन जमा करें।

4

आधार लिंकिंग

डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के लिए बैंक पासबुक की प्रति प्रदान करें।

5

साइट सत्यापन

अधिकारी पशु शेड और चारे की व्यवस्था की जांच करेंगे।

6

मंजूरी और अनुदान

अंतिम अनुमोदन के बाद मासिक प्रोत्साहन या खरीद सब्सिडी प्राप्त करें।

7

पशुपालक प्रशिक्षण

आधुनिक पशुपालन और कंपोस्टिंग पर अनिवार्य प्रशिक्षण में भाग लें।

8

स्वास्थ्य निगरानी

पशुओं को उत्पादक बनाए रखने के लिए समय-समय पर स्वास्थ्य शिविरों में भाग लें।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर प्रभाव

इस योजना से बेसहारा पशुओं की समस्या कम हुई है और किसानों की आय में वृद्धि हुई है। ए-2 दूध के बाजार का लाभ भी किसानों को मिल रहा है।

पशु संसाधनों का प्रबंधन

गाय के गोबर से बायोगैस और खाद बनाकर मिट्टी की उर्वरता बढ़ाई जाती है।

रोग नियंत्रण और स्वास्थ्य

मुफ्त टीकाकरण और पशु आरोग्य मेलों के माध्यम से पशुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जाती है।

यूपी डेयरी मार्केट

यूपी सरकार का अंतिम लक्ष्य "नंद बाबा मिल्क मिशन" के माध्यम से राज्य को दूध उत्पादन में अग्रणी बनाना है। ग्राम स्तर पर "दुग्ध समितियाँ" स्थापित कर उचित मूल्य निर्धारण सुनिश्चित किया जा रहा है। गाय-योजना के तहत पंजीकृत किसानों को इन समितियों और निर्माणाधीन कोल्ड-चेन अवसंरचना तक प्राथमिकता पहुंच मिलती है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि इन देसी गायों का दूध लखनऊ, नोएडा और कानपुर के शहरी उपभोक्ता तक पहुंचे, जहाँ किसानों को सबसे बेहतर मूल्य मिलता है।

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यूपी गाय सब्सिडी पर प्रश्न

कितने पशु गोद लिए जा सकते हैं? +
एक किसान अधिकतम 4 बेसहारा पशु गोद ले सकता है।
क्या गिर गाय के लिए सब्सिडी मिलती है? +
हाँ, दूसरे राज्यों से अच्छी नस्ल की गाय लाने पर सब्सिडी मिलती है।
पैसे कैसे मिलते हैं? +
सीधे बैंक खाते में (DBT)।
यदि गोद लिया हुआ पशु बीमार हो जाए तो? +
सरकारी पशु चिकित्सालय में मुफ्त इलाज मिलता है।
क्या गौशाला बनाने के लिए पैसे मिलते हैं? +
हाँ, मनरेगा और अन्य योजनाओं के तहत शेड बनाने में मदद मिलती है।
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