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🌿 2026 के लिए शीर्ष बिहार किसान सब्सिडी: DBT कृषि पोर्टल के माध्यम से अनुदान

DBT कृषि बिहार 2026 के लिए अंतिम गाइड। डीजल अनुदान, कृषि यंत्रीकरण (SMAM) पर 80% सब्सिडी, और राज्य के जैविक कॉरिडोर मिशन (Organic Corridor Mission) के लिए पूरी आवेदन प्रक्रिया को समझें।

📅 मई 2026  |  ✍️ मिट्टी गोल्ड ऑर्गेनिक  |  🗂️ सरकारी योजनाएं

बिहार 2026 में किसान सब्सिडी योजनाओं की व्यापक सूची

प्रमुख सब्सिडी आवंटन: कृषि यंत्र और बीज

बिहार का कृषि क्षेत्र 2026 में मशीनीकरण और बीज आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है। 2000+ शब्दों की तकनीकी गहराई प्रदान करने के लिए, हम मुख्य राज्य योजनाओं का विवरण देते हैं:

  • कृषि यंत्रीकरण योजना (SMAM): बिहार सरकार 90 विभिन्न प्रकार के कृषि उपकरणों पर 40% से 80% तक सब्सिडी दे रही है। इसमें ट्रैक्टर, रोटावेटर, रीपर बाइंडर और जीरो-टिल मशीनें शामिल हैं। SC/ST और EBC किसानों के लिए अतिरिक्त 10% अनुदान उपलब्ध है।
  • डीजल अनुदान योजना: सूखे जैसी स्थिति से निपटने के लिए, सरकार डीजल पर 75 रुपये प्रति लीटर की सब्सिडी प्रदान करती है। यह अनुदान धान, मक्का और तिलहन के लिए प्रति एकड़ 5 सिंचाई तक सहायता करता है।
  • जलवायु-अनुकूल बीज सब्सिडी: प्रमाणित और हाइब्रिड बीजों पर ब्लॉक स्तर पर 50% से 90% तक की छूट उपलब्ध है। सूखा-सहिष्णु किस्मों पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
  • जैविक कोरिडोर योजना: गंगा के किनारे 23 जिलों में जैविक खेती करने वाले किसानों को 11,500 रुपये प्रति एकड़ प्रति वर्ष की इनपुट सहायता मिलती है। मिट्टी गोल्ड वर्मीकम्पोस्ट का उपयोग इसमें सर्वोत्तम परिणाम देता है।

आवेदन के लिए 13-अंकीय DBT पंजीकरण संख्या अनिवार्य है। छोटे और सीमांत किसानों को प्राथमिकता दी जाती है।

DBT कृषि पोर्टल तक कैसे पहुंचें (चरण-दर-चरण)

बिहार में, सभी कृषि लाभ 13-अंकीय DBT पंजीकरण संख्या के माध्यम से जुड़े हुए हैं। 2026 में, इस प्रणाली को पारदर्शिता और गति के लिए बेहतर बनाया गया है।

चरण 1: 13-अंकीय डिजिटल किसान पंजीकरण

dbtagriculture.bihar.gov.in पर जाएं। अपने आधार कार्ड और बैंक पासबुक का उपयोग करके पंजीकरण करें। सुनिश्चित करें कि आपका बैंक खाता NPCI से मैप किया गया है ताकि DBT विफलता न हो।

चरण 2: परमिट जारी करना और डीलर खरीद

अनुमोदन के बाद, कृषि समन्वयक 30 दिनों के लिए वैध परमिट जारी करता है। आपको इसी समय सीमा में पंजीकृत डीलरों से उपकरण खरीदने होंगे। डीलर OFMAS पोर्टल पर बिल अपलोड करता है और भौतिक सत्यापन के बाद सब्सिडी आती है।

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चरण 1: ऑनलाइन पोर्टल आवेदन

DBT पोर्टल पर लॉग इन करें और विशिष्ट योजना (उदा., कृषि यंत्र) का चयन करें। मशीनरी के लिए, OFMAS (Online Farm Machinery Application Software) पोर्टल का उपयोग करें। अपना LPC (Land Possession Certificate) विवरण दर्ज करें।

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चरण 2: परमिट / स्वीकृति प्राप्त करना

अनुमोदन के बाद, कृषि समन्वयक एक परमिट जारी करता है जो 30 दिनों के लिए वैध होता है। आपको इस अवधि के भीतर पंजीकृत डीलरों से उपकरण खरीदना होगा अन्यथा परमिट समाप्त हो जाता है।

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चरण 3: OFMAS डीलर से खरीद

कृषि मशीनरी के लिए, आपको केवल OFMAS-पंजीकृत डीलर से ही खरीदना होगा। आप उपकरण की पूरी राशि का भुगतान करते हैं (या केवल डीलर छूट के बाद किसान का हिस्सा, जो कुछ जिलों में लागू होता है)।

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चरण 4: रसीद अपलोड और DBT

डीलर बिल को OFMAS पोर्टल पर अपलोड करता है। ब्लॉक कृषि अधिकारी मशीन के साथ आपकी तस्वीर लेता है। 15-20 दिनों के भीतर सीधे आपके बैंक खाते में DBT जमा हो जाता है।

आर्थिक प्रभाव: डीजल और मशीनरी सब्सिडी ROI

बिहार में मशीनीकरण बढ़ने से खेती की लागत में भारी कमी आई है। 80% सब्सिडी पर रीपर बाइंडर की खरीद से कटाई का खर्च 3,500 रुपये से घटकर 900 रुपये प्रति एकड़ रह गया है। दरभंगा और मुजफ्फरपुर के किसानों ने प्रमाणित बीजों के उपयोग से पैदावार में 20% वृद्धि दर्ज की है। जैविक खेती अपनाने वाले किसान अब अपनी उपज को प्रीमियम दामों पर बेच रहे हैं।

जैविक कॉरिडोर और वर्मीकम्पोस्ट मिशन

जैविक कॉरिडोर योजना के तहत किसानों को मिट्टी गोल्ड वर्मीकम्पोस्ट और जीवामृत तैयार करने की ट्रेनिंग दी जाती है। इससे मिट्टी में जैविक कार्बन का स्तर 0.3% से बढ़कर 0.7% हो गया है, जिससे जल धारण क्षमता और मिट्टी की उर्वरता में सुधार हुआ है।

सूखा शमन: जल जीवन हरियाली

उत्तर बिहार में बाढ़ और दक्षिण बिहार में सूखे के खतरे को देखते हुए, सरकार फसल सहायता योजना प्रदान करती है। बाढ़ की स्थिति में सैटेलाइट मैपिंग के जरिए स्वतः 6,000 रुपये प्रति एकड़ तक मुआवजा दिया जाता है।

लक्षित लाभार्थी: लघु और सीमांत किसान

बिहार में अब एफपीओ (FPOs) को प्राइमरी कलेक्शन सेंटर बनाने के लिए 40% सब्सिडी दी जा रही है। मुजफ्फरपुर की लीची और भागलपुर के आम के किसान सीधे बड़ी कंपनियों को बेचकर 30% अधिक मुनाफा कमा रहे हैं।

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DBT कृषि बिहार अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डीजल अनुदान के लिए आवेदन करने का सही समय क्या है? +
डीजल अनुदान केवल विशिष्ट सूखे जैसी अवधि के दौरान राज्य सरकार द्वारा घोषित किए जाने पर सक्रिय होता है। खरीद के 15 दिनों के भीतर पेट्रोल पंप से जीएसटी रसीद अपलोड करना अनिवार्य है।
मैं बिहार में अपनी डीबीटी पंजीकरण स्थिति कैसे देख सकता हूँ? +
dbtagriculture.bihar.gov.in पर जाएं और "पंजीकरण -> अपना पंजीकरण जानें" पर क्लिक करें। आप अपने आधार नंबर या मोबाइल नंबर का उपयोग करके खोज सकते हैं।
कृषि यंत्र मेला क्या है? +
यह जिला स्तर पर आयोजित एक कृषि मशीनरी मेला है जहाँ किसान लाइव प्रदर्शन देख सकते हैं और विभागीय अनुमोदन के साथ मौके पर ही सब्सिडी के लिए आवेदन कर सकते हैं।
क्या मुझे सब्जी की खेती के लिए डीजल सब्सिडी मिल सकती है? +
हाँ। डीजल अनुदान अनाज की फसलों के साथ-साथ सरकार द्वारा घोषित कम वर्षा की अवधि के दौरान व्यावसायिक सब्जी और फलों की फसलों के लिए भी लागू है।
क्या बिहार में जैविक खेती के लिए कोई सहायता है? +
हाँ, "जैविक गलियारा" योजना गंगा नदी के किनारे प्रमाणित जैविक खेती करने वाले किसानों को सीधे प्रोत्साहन के रूप में ₹11,500 प्रति एकड़ प्रति वर्ष प्रदान करती है।
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